देहरादून: दून की सड़कों की स्थिति किसी से छिपी नहीं है। जो सड़कें और चौराहे यातायात के मौजूदा दबाव को झेलने में असमर्थ साबित हो रही हैं, उन पर जुलूस और प्रदर्शन भी किए जाते हैं। ऐसे में यातायात की स्थिति और भी बद्तर हो जाती है। शहर की प्रमुख सड़कों और चौराहों को जुलूस प्रदर्शन से दूर रखने के लिए तमाम प्रयास किए गए हैं लेकिन ठोस कार्रवाई के आभाव में कुछ नहीं हो पाया। अत्यधिक यातायात दबाव वाले इन चौक,स्थल जुलूस, प्रदर्शन आदि के लिए प्रतिबंधित रहेंगे। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू भी करा दिया गया है।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह के साथ गहन मंथन के बाद जिलाधिकारी ने गुरुवार को इसका आदेश भी जारी कर दिया। घंटाघर, गांधी पार्क, एस्लेहाल चौक, दर्शन लाल चौक, तहसील चौक, बुद्धा चौक पर जूलूस एवं प्रदर्शन प्रतिबंधित किया गया है
इसके साथ ही जिलाधिकारी ने सचिवालय मुख्यमंत्री आवास और राजभवन कूच के कार्यक्रमों के मद्देनजर भी अलग से व्यवस्था लागू की है। ताकि विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठन लोकतांत्रिक अधिकारों के तहत विरोध प्रदर्शन कर सकें लेकिन उससे शहर की यातायात व्यवस्था अधिक प्रभावित न हो सके।
जिलाधिकारी की नई व्यवस्था के अनुसार सचिवालय कूच जैसे कार्यक्रम के लिए राजनीतिक या अन्य संगठन परेड ग्राउंड के बाहर एकत्रित होंगे। जिसके बाद जुलूस, रैली कनक चौक होते हुए पैसिफिक तिराहा से आगे बढ़ते हुए आयकर तिराहे तक पहुंचेगी। इसी तरह परेड से राजभवन, मुख्यमंत्री आवास कूच करने वाले जनसमूह को पैसिफिक तिराहे पर ही रोका जाएगा।
जिलाधिकारी सविन बंसल के अनुसार शहर में पारंपरिक शोभायात्रा और धार्मिक जुलूसों के लिए भी रूट का निर्धारण किया जाएगा। क्योंकि इस तरह के आयोजनों से भी नागरिकों को घंटों जाम में फंसा रहना पड़ता है। कई दफा एंबुलेंस तक आगे नहीं बढ़ पाती है। इस तरह के आयोजनों को व्यवस्थित रूप प्रदान करने के लिए विशेष परिस्थितियों में समय, मार्ग व संख्या के निर्धारण की तैयारी की जा रही है। कार्ययोजना बनाने के लिए जिला प्रशासन पुलिस यातायात की संयुक्त बैठक के बाद निर्णय किया जाएगा।
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18 September 2026
