देहरादून: राशन कार्ड की पात्रता सूची में शामिल कर आयुष्मान योजना का लाभ लेने वाले अपात्रों के खिलाफ प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल को राशन कार्ड का डेटा स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
जिससे अपात्रों की जांच कर आयुष्मान योजना से बाहर किया जा सके। डेटा उपलब्ध होने के बाद स्वास्थ्य विभाग को 15 दिन के भीतर सत्यापन रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने जिला पूर्ति विभाग को सख्त निर्देश दिए हैं। राशन कार्ड योजना में आवेदनकर्ता को शामिल करने से पहले घर-घर जाकर माली हालत का सत्यापन करें। जिससे राशन कार्ड योजना में पात्र ही शामिल हो सके।
प्रशासन को शिकायत मिली थी कि अपात्र लोग भी आयुष्मान योजना का लाभ ले रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त निर्देश दिए हैं। कल्याणकारी योजना का लाभ पात्र को ही मिलना चाहिए। बताया जनपद में 3,87,954 राशन कार्ड धारक हैं। जिसमें अत्योदय के 37,312 राष्ट्रीय खाद्य योजना के 2,19,827 राज्य खाद्य योजना के 1,30,815 राशन कार्ड धारक हैं।
प्राथमिक जांच में 35,393 राशन कार्ड का सत्यापन किया गया। जिसमें से 1,445 उपभोक्ताओं को अपात्र मानते हुए योजना से बाहर किया गया।
योजना की पात्रता में शामिल होने के लिए अंत्योदय योजना में परिवार की वार्षिक आय 15000 राष्ट्रीय खाद्य योजना के लिए 1.80 लाख, जबकि राज्य खाद्य योजना के लिए परिवार की वार्षिक आय 50,0000 से कम होनी चाहिए। इसके साथ ही जिलाधिकारी ने राशन कार्ड को आधार से लिंक करने की अपील की।
