कुंजापुरी । कुंजापुरी मंदिर में दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं ने कल्पना भी नहीं की थी कि उनकी खुशियों भरी यात्रा अचानक मातम में बदल जाएगी। सोमवार सुबह दर्शन के बाद बडेडा गांव के पास ढलान पर खड़ी बस में यात्री सवार हो रहे थे। इसी दौरान चालक ने जैसे ही बस स्टार्ट की, वह अचानक हिचकोले खाते हुए आगे बढ़ने लगी। बताया जा रहा है कि चालक ने ब्रेक लगाने की पूरी कोशिश की, लेकिन ब्रेक फेल होने से बस अनियंत्रित होकर लगभग सौ मीटर गहरी खाई में जा गिरी।
खाई में गिरते ही चीख-पुकार मच गई। मौके पर ही चार महिलाओं और एक पुरुष की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया और पुलिस व एसडीआरएफ को सूचना दी। थोड़ी ही देर में बचाव टीमें मौके पर पहुंचीं और घायलों को खाई से बाहर निकालने का अभियान शुरू किया।
घटना में घायल छह लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया, जबकि आठ घायलों को नरेंद्रनगर संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, जहां उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई गई है। हादसे के समय बस में कुल 18 लोग सवार थे। कई यात्री अभी बस में चढ़ भी नहीं पाए थे कि चालक ने बस स्टार्ट कर दी, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर ढलान की ओर बढ़ गया।
घायल यात्रियों ने बताया कि वे मुनिकीरेती स्थित दयानंद आश्रम में चल रही वेदांत कार्यशाला में भाग लेने आए थे। सुबह वे दो बसों से कुंजापुरी दर्शन को गए थे। पार्किंग क्षेत्र में खड़ी बस का ब्रेक फेल होना दुर्घटना का मुख्य कारण बताया जा रहा है। चालक शंभू सिंह के अनुसार, बस स्टार्ट होते ही नियंत्रण बिगड़ गया। उसने नाली में डालकर बस रोकने की कोशिश की, लेकिन वाहन उछलते हुए खाई में गिर गया।
डीएम नितिका खंडेलवाल और एसएसपी आयुष अग्रवाल ने अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात की और स्वास्थ्य व्यवस्था का जायजा लिया। प्रशासन ने दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं।
