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18 September 2026
देहरादून। सत्ता में वापसी की तैयारी में जुटी कांग्रेस के सामने संगठनात्मक चुनौती खड़ी हो गई है। पार्टी को जहां मजबूत और सक्रिय कार्यकर्ताओं की जरूरत है, वहीं अधिकांश नेता सिपाही के बजाय कमांडर की भूमिका में दिखना चाहते हैं। यही वजह है कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) में पद पाने के इच्छुक नेताओं की लंबी सूची बन गई है।
कांग्रेस हाईकमान 2027 के चुनावी मुकाबले को देखते हुए एक छोटी, सशक्त और ऊर्जावान टीम बनाना चाहती है। रणनीति यह है कि कम लेकिन सक्रिय पदाधिकारी हों और हर पदाधिकारी की स्पष्ट जिम्मेदारी तय की जाए। वर्ष 2022 के बाद से पीसीसी का नया गठन नहीं हो पाया है। पूर्व अध्यक्ष प्रीतम सिंह के कार्यकाल में बनी कार्यकारिणी में 200 से अधिक पदाधिकारी शामिल थे। अध्यक्ष बदलने के बावजूद संगठन में व्यापक फेरबदल नहीं किया गया।
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने नई टीम के गठन का प्रयास किया था, लेकिन उसे अंतिम रूप नहीं मिल सका। इसी पुरानी टीम के सहारे पार्टी ने लोकसभा चुनाव और मंगलौर, बदरीनाथ व केदारनाथ विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव लड़े। इनमें से मंगलौर और बदरीनाथ सीट पर कांग्रेस को सफलता मिली।
हाईकमान ने 16 नवंबर 2025 को गणेश गोदियाल को प्रदेश कांग्रेस की कमान सौंपी। हालांकि, उनके पदभार ग्रहण करने के बाद भी पीसीसी का गठन लंबित है। दिल्ली में इस संबंध में कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं। सूत्रों के अनुसार, छोटी और प्रभावी टीम बनाने की रणनीति के तहत चयन प्रक्रिया सावधानी से की जा रही है।
बताया जा रहा है कि प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं ने अपने-अपने समर्थकों की सूची हाईकमान को सौंपी है, जिससे संतुलन बनाना चुनौतीपूर्ण हो गया है। इसी कारण पीसीसी के गठन में देरी हो रही है।
