टिहरी । टिहरी में प्रधानमंत्री Narendra Modi के संभावित दौरे को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री इस महीने के अंत या जून के पहले सप्ताह में टिहरी पहुंच सकते हैं। उनका दौरा टिहरी बांध की 1000 मेगावाट क्षमता वाली पंप स्टोरेज प्लांट (PSP) परियोजना के लोकार्पण से जुड़ा हो सकता है। प्रशासन और टीएचडीसी ने कार्यक्रम की तैयारियां शुरू कर दी हैं, जबकि टिहरी झील के किनारे स्थित कोटीकॉलोनी में एक बड़ी जनसभा आयोजित करने की योजना बनाई जा रही है।
यह परियोजना देश की पहली वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज परियोजना मानी जा रही है, जिसकी लागत लगभग 8 हजार करोड़ रुपये बताई गई है। इस नई परियोजना के जुड़ने से टिहरी और कोटेश्वर बांधों सहित कुल बिजली उत्पादन क्षमता 2400 मेगावाट तक पहुंच जाएगी। यह तकनीक बिजली की मांग के अनुसार उत्पादन को नियंत्रित करने में सक्षम होगी, जिससे ऊर्जा प्रबंधन अधिक प्रभावी बनेगा।
प्रधानमंत्री अपने संभावित दौरे के दौरान टिहरी मेडिकल कॉलेज की आधारशिला भी रख सकते हैं। इसके अलावा बांध प्रभावितों के पुनर्वास, रॉयल्टी, रिंग रोड परियोजना और क्षेत्रीय विकास से जुड़े मुद्दों पर भी घोषणाएं होने की संभावना जताई जा रही है। विधायक Kishore Upadhyay ने मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami से मुलाकात कर प्रधानमंत्री को टिहरी आने का निमंत्रण दिया है।
टिहरी बांध भारत की महत्वपूर्ण जलविद्युत परियोजनाओं में शामिल है, जो कई राज्यों को बिजली उपलब्ध कराता है। इसके साथ ही दिल्ली और उत्तर प्रदेश को पेयजल और सिंचाई के लिए पानी भी प्रदान किया जाता है। हालांकि इस परियोजना के निर्माण के दौरान पुराना टिहरी शहर जलमग्न हो गया था। लगभग 37 गांव पूरी तरह डूब गए थे और 88 गांव आंशिक रूप से प्रभावित हुए थे। हजारों परिवारों का पुनर्वास नई टिहरी, देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश सहित अन्य क्षेत्रों में किया गया था।
