चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ रहा है। यात्रा मार्ग पर कई स्थानों पर सड़कें संकरी होने और रास्तों की खराब स्थिति के कारण वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं। इससे यात्रियों के साथ-साथ स्थानीय लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित हो रही है।
पटना से आए श्रद्धालु अमित कुमार ने बताया कि यात्रा के दौरान हर थोड़ी दूरी पर जाम लग रहा है, जिसके कारण तीन दिन की यात्रा में दस दिन तक लग रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्किंग की उचित व्यवस्था न होने से सड़क किनारे वाहन खड़े किए जा रहे हैं, जिससे जाम की स्थिति और गंभीर हो रही है।
एक अन्य यात्री धनंजय कुमार ने बताया कि उन्होंने सोचा था कि एक सप्ताह में यात्रा पूरी हो जाएगी, लेकिन अब तक 12 दिन बीत चुके हैं और घर लौटने में लगभग 15 दिन लग जाएंगे।
वाहन चालक अक्षय चावला ने कहा कि बदरीनाथ और केदारनाथ धाम तक पहुंचने में सामान्य समय से दोगुना समय लग रहा है। वहीं प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की सुविधा के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
एसडीएम अलकेश नौडियाल ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) अधिकारियों को यात्रा मार्ग की समस्याएं दूर करने के निर्देश दिए गए हैं।
श्रीनगर, धारीदेवी, फरासू और सिरोहबगड़ क्षेत्रों में वाहनों की आवाजाही बेहद धीमी बनी हुई है। रुद्रप्रयाग के पास कमेड़ा-टू क्षेत्र में सुरक्षा कार्य के चलते सड़क सिंगल लेन हो गई है, जिससे सुबह और रात के समय भारी जाम लग रहा है। दिन में पुलिस और ड्यूटी कर्मी एक-एक कर वाहनों को निकाल रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद लंबी कतारें लग रही हैं।
कर्णप्रयाग में सड़क चौड़ीकरण का कार्य पूरा न होने के कारण भी यातायात प्रभावित हो रहा है।
इस बीच पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने बदरीनाथ धाम पहुंचकर यातायात और सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने और यात्रा को सुचारु बनाए रखने के लिए स्थानीय लोगों, पंडा पंचायत और संत समाज के सहयोग की आवश्यकता है।
चारधाम यात्रा में लगातार बढ़ रही भीड़ के कारण प्रशासन के सामने यातायात प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौती बन गया है।
