रुद्रप्रयाग के नगरासू स्थित दमदमा साहिब गुरुद्वारा में पिछले कुछ दिनों से निहंग सिखों और गुरुद्वारा प्रबंधन के बीच विवाद बना हुआ है। इस विवाद के कारण गुरुद्वारे में तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई है और पुलिस लगातार निगरानी कर रही है।
विवाद की शुरुआत
16 जून को कर्णप्रयाग में सिख श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच विवाद हुआ था। आरोप है कि एक निहंग सिख ने तलवार से हमला किया, जिसके बाद पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर चार लोगों को गिरफ्तार किया। सिख समुदाय का कहना है कि हमला आत्मरक्षा में किया गया था।
नगरासू गुरुद्वारे में क्या हुआ?
शनिवार को कुछ निहंग सिख नगरासू गुरुद्वारे पहुंचे। गुरुद्वारा प्रबंध समिति और निहंगों के बीच बातचीत में सहमति नहीं बन पाई, जिसके बाद सात निहंग गुरुद्वारे की तीसरी और चौथी मंजिल पर चले गए और खुद को अंदर बंद कर लिया।
निहंगों का कहना है कि वे कर्णप्रयाग मामले में गिरफ्तार अपने साथियों की रिहाई की मांग कर रहे हैं। हालांकि पुलिस का कहना है कि गुरुद्वारे का विवाद और कर्णप्रयाग की घटना अलग-अलग मामले हैं।
अब तक क्या हुआ?
- सात निहंगों में से तीन नीचे उतर चुके हैं।
- चार निहंग अब भी गुरुद्वारे की छत पर मौजूद हैं।
- पुलिस लगातार वार्ता कर उन्हें नीचे आने के लिए समझा रही है।
- गुरुद्वारा परिसर और आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
- श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित हुई है, हालांकि लंगर सेवा सीमित रूप से जारी है।
तोड़फोड़ के आरोप
गुरुद्वारा प्रबंधन का आरोप है कि छत पर मौजूद निहंग तीसरी और चौथी मंजिल में तोड़फोड़ कर रहे हैं तथा टूटे हुए सामान का इस्तेमाल अपने बचाव के लिए कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों की चिंता
स्थानीय लोगों का कहना है कि उनका इस विवाद से कोई सीधा संबंध नहीं है। उन्होंने गुरुद्वारे के आसपास बाहरी लोगों की गतिविधियों पर नजर रखने और पत्थरबाजी की घटनाओं की जांच की मांग की है।
वर्तमान स्थिति
फिलहाल मामला गुरुद्वारा प्रबंधन और निहंगों के बीच गतिरोध का बना हुआ है। पुलिस, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और शांतिपूर्ण समाधान निकालने का प्रयास कर रही हैं।
