बीकेटीसी की ओर से प्रोटोकॉल के तहत आने वाले वीआईपी यात्रियों को प्राथमिक दर्शन की सुविधा दी जाती है। इस वर्ष यात्रा शुरू होने के बाद दोनों धामों में वीआईपी अतिथियों की संख्या लगातार बढ़ने लगी। इसके चलते मंदिर समिति ने प्रति यात्री 1100 रुपये शुल्क निर्धारित किया था। समिति का उद्देश्य सामान्य श्रद्धालुओं के दर्शन को प्राथमिकता देना और व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखना था।
वीआईपी दर्शन से लाखों रुपये की आय
बीकेटीसी के अनुसार, प्राथमिक दर्शन की व्यवस्था से अब तक बदरीनाथ धाम में 1,63,11,900 रुपये और केदारनाथ धाम में 67,37,500 रुपये की आय प्राप्त हुई है।
इस बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के अवसर पर सामान्य श्रद्धालुओं की तरह मुख्य द्वार से दर्शन के लिए पहुंचे थे। उन्होंने कुछ ही मिनटों में मंदिर के गर्भगृह से दर्शन किए और बाहर आ गए।
सामान्य श्रद्धालुओं को प्राथमिकता
बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि दूसरे चरण की यात्रा में वीआईपी अतिथियों के प्राथमिक दर्शन के लिए शुल्क व्यवस्था को स्थगित रखने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि इसके लिए अगले वर्ष विस्तृत गाइडलाइन तैयार की जाएगी और व्यवस्था को पारदर्शी तरीके से लागू किया जाएगा।
मंदिर समिति का मुख्य उद्देश्य सामान्य श्रद्धालुओं को सुगम और व्यवस्थित दर्शन उपलब्ध कराना है। नई व्यवस्था में इसी प्राथमिकता को ध्यान में रखते हुए नियम तय किए जाएंगे।
