देहरादून: मत पेटियों में बंद देहरादून नगर निगम के 395 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला अगले कुछ घंटों में हो जाएगा। इसके साथ ही यह साफ हो जाएगा कि जनता जनार्दन ने शहर की सरकार के लिए महापौर का ताज किसके सिर पर सजाया है। साथ ही निगम के 100 वार्डों में पार्षदों के चुनाव के साथ नगर निगम के भावी बोर्ड की तस्वीर भी सामने होगी।
रेंजर्स कालेज में सुबह आठ बजे से मतगणना शुरू होते ही मतगणना की तस्वीर साफ होने लगी है। शनिवार दोपहर बाद से वार्डों के परिणाम के साथ यह साफ होने लगेगा कि मतदाताओं का झुकाव किस तरफ है।
महापौर के प्रत्याशियों के लिए भी यह एक संकेत हो सकता है। फिर भी पार्षद पदों के परिणाम की तरह महापौर पद की तस्वीर साफ होने में अधिक समय लगेगा। क्योंकि 100 वार्डों की मतगणना में कांटे की टक्कर की स्थिति में आखिरी समय तक भी कुछ कहना आसान नहीं होगा। यदि यह स्थिति बनती है तो शनिवार की आधी रात के बाद भी प्रत्याशियों के साथ ही समर्थकों के दिल की धड़कनें ऊपर नीचे होती रहेंगी।
उम्मीद से कम किए गए मतदान ने भाजपा और कांग्रेस जैसे प्रमुख दलों की जीत हार का गणित बिगाड़ दिया है। मतदान की कमी के बाद भी शहर की सरकार का पलड़ा किस तरफ झुकता है यह देखना अहम होगा।
नगर निगम देहरादून की मतगणना के लिए 1000 कार्मिकों की तैनाती की गई है। प्रदेश के सबसे बड़े नगर निकाय दून में 100 वार्ड हैं और 4.31 लाख से अधिक मतों की गिनती की जानी है। ऐसे में यहां के परिणाम भी सबसे अंत में मिल सकेंगे।
लंबी मतगणना अवधि को देखते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी जिलाधिकारी सविन बंसल ने कुल 1000 कार्मिकों की तैनाती की है। ये कार्मिक दो शिफ्ट में 500-500 के हिसाब से एक साथ कम में जुटेंगे। जिलाधिकारी बंसल के अनुसार मतगणना के लिए कुल 07 आरओ तैनात किए गए हैं। जिनके अंतर्गत कुल 15-15 टेबल लगाए गए हैं।
इस तरह कुल 105 टेबल गणना के लिए रहेगी। प्रत्येक टेबल पर एक साथ 05 वार्डों की गणना की जाएगी और प्रत्येक चयनित वार्ड के 03-03 बूथों की गणना होगी। रिटर्निंग अधिकारी के हिसाब से की जाने वाली गणना में जैसे-जैसे बूथ के साथ आगे बढ़ेगी उनके परिणाम भी सामने आते रहेंगे। यह गणना 10 से 12 राउंड तक बूथों की संख्या के हिसाब से तय होगी।
