देहरादून: सूरज के तेवर तल्ख हो गए हैं और उत्तराखंड में पहाड़ से मैदान तक तपिश अचानक बढ़ गई है। सुबह-शाम की ठंड भी अब न के बराबर है। चटख धूप खिलने से पारे में भारी उछाल दर्ज किया गया है।
दून में सात वर्ष बाद मार्च के पहले पखवाड़े में तापमान सर्वाधिक स्तर पर पहुंच गया है। वहीं कुछ पर्वतीय क्षेत्रों में तापमान सामान्य से छह से नौ डिग्री सेल्सियस तक अधिक पहुंच गया है। हालांकि मौसम विभाग की ओर से गुरुवार से प्रदेश में मौसम के करवट लेने की आशंका जताई गई है। खासकर पर्वतीय क्षेत्रों में वर्षा के आसार हैं। जिससे पारा कुछ लुढ़क सकता है। बुधवार को दून में सुबह से ही तेज धूप खिली रही और दिनभर तपिश महसूस की गई। दिन में मौसम गर्म हो गया और खुले आसमान में धूप पसीने छुड़ाती रही। जिससे पारा भी चढ़ गया। दून का अधिकतम तापमान 31.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो कि सामान्य से छह डिग्री सेल्सियस अधिक है।
इसके साथ ही मसूरी का अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया जो कि सामान्य से नौ डिग्री सेल्सियस अधिक है। ज्यादातर क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान भी सामान्य से एक से दो डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया जा रहा है। हालांकि गुरुवार से मौसम के करवट बदलने के आसार हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार गुरुवार से ज्यादातर पर्वतीय क्षेत्रों में आंशिक से लेकर मुख्यत बादल छाये रह सकते हैं। कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने और 3500 मीटर से अधिक ऊंचाई पर हल्का हिमपात होने के आसार हैं। इसके अलावा शुक्रवार को होली के दिन भी मौसम का मिजाज इसी प्रकार का बना रह सकता है। कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली चमकने को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। देहरादून में आंशिक बादल छाने और कहीं-कहीं हल्की वर्षा की भी आशंका है। शनिवार से प्रदेश के ज्यादातर क्षेत्रों में वर्षा-बर्फबारी के आसार बन रहे हैं।
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4 February 2026
