देहरादून: उत्तराखंड में उच्च हिमालय में बर्फबारी और पहाड़ों में वर्षा रही। चमोली जिले में बीते दिन हुई बर्फबारी व वर्षा के चलते बदरीनाथ हाईवे हनुमान चट्टी से आगे और नीति मलारी हाईवे भापकुंड से आगे बर्फबारी के चलते रविवार को भी शाम तक नहीं खुल पाया।
वहीं औली-ज्योतिर्मठ मोटर मार्ग किमी आठ में बर्फबारी से बाधित था जिसे यातायात के लिए सुचारू कर दिया गया है। हालांकि औली मोटर मार्ग वर्षा और बर्फबारी के चलते फिसलन भरा बना हुआ है। वहीं उच्च हिमालय में शीतकाल की तर्ज पर हो रहे हिमपात हो रहा है।शीतकाल में मौसम के शांत रहने और फरवरी अंतिम सप्ताह तक उच्च हिमालय में बर्फबारी से इस वर्ष आदि कैलास यात्रा के समय से पूर्व कराने की तैयारी धरी रह गई है। फरवरी के अंतिम दिनों व मार्च मार्च प्रथम पखवाड़े में उच्च हिमालय में रिकार्ड हिमपात हो चुका है। अभी और बर्फबारी की संभावना है।
बीते वर्ष मई प्रथम सप्ताह तक हिमपात हुआ है। वर्तमान की स्थिति के अनुसार 15 अप्रैल से पहले आदि कैलास मार्ग से बर्फ हटाए जाने की संभावना नहीं है। ऐसे में इससे पूर्व यात्रा संभव नहीं है। यात्रा का निर्धारित समय 15 मई माना जाता है मगर केएमवीएन इस बार अप्रैल से यात्रा कराने की तैयारी में था। यात्रा मार्ग पर जगह-जगह कई फीट बर्फ जमा है। इसके पिघलने या मार्ग से हटने के बाद जहां रास्ते क्षतिग्रस्त होंगे उन्हें ठीक भी किया जाना है। इसलिए यात्रा मई आखिरी सप्ताह से शुरू हो पाने की उम्मीद की जा रही है।
उत्तराखंड में ज्यादातर क्षेत्रों में मौसम शुष्क होने लगा है। खासकर मैदानी क्षेत्रों में चटख धूप खिलने से तपिश महसूस की जा रही है। वहीं पर्वतीय क्षेत्रों में अभी कहीं-कहीं आंशिक बादल मंडरा रहे हैं और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सर्द हवाएं भी परीक्षा ले रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार से ज्यादातर क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। जिससे तापमान में वृद्धि हो सकती है। पर्वतीय क्षेत्रों में कहीं-कहीं आंशिक बादल छाने और हल्की बूंदाबांदी के आसार हैं।
रविवार को सुबह दून में आंशिक बादल मंडराने के साथ धूप की आंख-मिचौनी चलती रही। हालांकि दोपहर बाद ज्यादातर क्षेत्रों में आसमान साफ रहा और तेज धूप ने तपिश बढ़ा दी। इसके साथ ही सुबह-शाम ठिठुरन भी कम हो गई है। न्यूनतम तापमान सामान्य से चार से छह डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया जा रहा है। वहीं अधिकतम तापमान भी सामान्य से दो डिग्री सेल्सियस अधिक है। आने वाले कुछ दिनों में तापमान में तेजी से इजाफा होने के आसार हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में भी तपिश बढ़ने की आशंका है।
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार प्रदेश में अगले कुछ दिन वर्षा के आसार कम हैं। चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ आदि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में आंशिक बादल छाने और कहीं-कहीं हल्की वर्षा के आसार हैं। शेष जनपदों में मौसम शुष्क बना रह सकता है।
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4 February 2026
