देहरादून: प्रेम सद्भाव और आस्था का प्रतीक देहरादून का ऐतिहासिक झंडा मेला श्री गुरु राम राय दरबार साहिब में 90 फीट ऊंचे झंडेजी के आरोहण के साथ आज से शुरू हो जाएगा। झंडेजी को उतारने के बाद पूजा और गिलाफ चढ़ाने की दिनभर चलने वाली प्रक्रिया के बाद शाम दोपहर दो से चार बीच दरबार साहिब के सज्जादानशीन श्रीमहंत देवेन्द्र दास महाराज की अगुआई में झंडेजी का आरोहण होगा।
इस वर्ष ग्राम व पोस्ट लधाना जिला चिक्का नवाशहर पंजाब के राजेंद्र पाल सिंह व सतनाम सिंह के परिवार को दर्शनी गिलाफ चढ़ाने का सौभाग्य मिला है। इस पल का साक्षी बनने के लिए देर मंगलवार शाम तक पहुंची देश.विदेश की संगत से दरबार साहिब परिसर पैक हो गया है।
होली के पांचवें दिन चैत्र मास के कृष्ण पंचमी को दरबार साहिब में झंडेजी के आरोहण के साथ मेला शुरू हो जाता है। इस बार छह अप्रैल रामनवमी तक मेला चलेगा। बीते आठ मार्च से धार्मिक आयोजन शुरू हो चुके हैं वहीं 12 मार्च से उत्तराखंड के अलावा पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश से संगत के पहुंचने का सिलसिला जारी है।
दरबार साहिब परिसार में मंगलवार को भी देर रात तक गुरु महाराज के जयकारे गूंजते रहे। गुरु महिमा के रंग में रंगी संगते श्रद्धा व भक्ति भाव में डूबी रहीं। संगतों ने श्री गुरु राम राय जी महाराज के शबद का सिमरन किया व गुरु महिमा के महत्व को जाना। संगत ने ढोल की थाप पर गुरु महाराज जी के भजन गाए व जमकर नृत्य भी किया।
श्री झंडा जी मेला आयोजन समिति के मुख्य व्यवस्थापक मधुसूदन सेमवाल ने बताया कि सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। इस बार ग्राम व पोस्ट लधाना जिला चिक्का नवाशहर पंजाब के राजेंद्र पाल सिंह व सतनाम सिंह दर्शनी गिलाफ चढ़ाएंगे। उनके दादा ने 100 वर्ष पूर्व यह बुकिंग की थी। परंपरा के अनुसार झंडेजी के आरोहण की पूर्व संध्या पर मंगलवार को पूरब की संगत को पगड़ी, ताबीज व प्रसाद देकर विदाई दी गई। झंडा मेला के लिए दरबार साहिब परिसर में 200 से अधिक दुकानें सज गई हैं।
बताया कि झंडेजी मेले में हर तीन वर्ष में झंडेजी के ध्वजदंड को बदलने की परंपरा रही है। इस बार नए ध्वजदंड के साथ झंडेजी का आरोहण होगा। दरबार साहिब परिसर में पांच एलईडी स्क्रीन की व्यवस्था की है। एलईडी स्क्रीन, फेसबुक एवं यूट्यूब पर मेले का सजीव प्रसारण किया जाएगा।
दरबार साहिब के सज्जादानशीन श्रीमहंत देवेन्द्र दास महाराज ने पूर्व संध्या पर संगतों को गुरुमंत्र दिया। उन्होंने गुरु महिमा के महत्व को समझाते हुए कहा कि जिस तरह सूर्य की किरणें सभी को समान रूप से प्रकाश और ऊष्मा देती हैंए उसी प्रकार एक आध्यात्मिक गुरु अपनी कृपा और करुणा सभी पर समान रूप से रखते हैं। गुरु यानी जो हमारे अज्ञान रूपी अंधकार को दूर करते हैं।
सुबह आठ से नौ बजे पुराने झंडेजी को उतारने की प्रक्रिया शुरू होगी। दूध, दही, गंगाजल से नए ध्वजदंड (झंडेजी) को स्नान कराया जाएगा। सुबह 10 बजे से सादे गिलाफ चढ़ाने का कार्यक्रम शुरू होगा। दोपहर एक बजे सनील के गिलाफ चढ़ाए जाएंगे। दरबार साहिब के सज्जादानशीन श्रीमहंत देवेन्द्र दास महाराज संगत को आशीर्वाद देंगे इसके बाद दर्शनी गिलाफ चढ़ाया जाएगा। दोपहर दो से चार बजे श्रीमहंत देवेन्द्र दास महाराज झंडेजी के आरोहण कराएंगे। शाम को संगत गुरु महाराज का आशीर्वाद लेकर विदा होगी।
दरबार साहिब परिसर से कल होगी नगर परिक्रमा
श्री झंडा जी मेला आयोजन समिति के मुख्य व्यवस्थापक मधुसूदन सेमवाल ने बताया कि झंडेजी के आरोहण के तीसरे दिन यानी शनिवार को दरबार साहिब के सज्जादानशीन देवेन्द्र दास महाराज की अगुआई में दरबार साहिब परिसर से सुबह साढ़े सात बजे से नगर प्ररिक्रमा शुरू होगी। विभिन्न क्षेत्रों से होते हुए 12 बजे दरबार साहिब में वापस होगी।
