देहरादून। नई दिल्ली में आयोजित एक शिष्टाचार भेंट के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के सामने प्रदेश के सामरिक हितों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण मांगें विस्तार से रखीं। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से एयर फोर्स ऑडिट ब्रांच को देहरादून में ही यथावत रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह शाखा लंबे समय से बिना किसी व्यवधान के राजधानी देहरादून में कार्यरत है और इसे स्थानांतरित करना प्रदेश की सुरक्षा और सामरिक व्यवस्था के दृष्टिकोण से उचित नहीं होगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियाँ, चीन और नेपाल की सीमाओं से लगा बड़ा भूभाग, सेना और सुरक्षा बलों की सक्रिय मौजूदगी — इन सभी कारणों से देहरादून का सामरिक महत्व अत्यधिक बढ़ जाता है। ऐसे में एयर फोर्स ऑडिट ब्रांच को यहीं संचालित रखना आवश्यक है, ताकि समन्वय, निगरानी और संचालन में किसी प्रकार की बाधा न आए। मुख्यमंत्री ने इसके लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने का अनुरोध किया।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री धामी ने रक्षा मंत्री के सामने नंदा देवी राजजात यात्रा से जुड़े एक महत्वपूर्ण विषय पर भी ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने ग्वालदम-नंदकेसरी-थराली-देवाल-मुन्दोली-वाण मोटर मार्ग के रखरखाव और अनुरक्षण का कार्य भविष्य में भी लोक निर्माण विभाग (PWD) के पास ही बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया। यह मार्ग वर्ष 2026 में प्रस्तावित अगली नंदा राजजात यात्रा का मुख्य रूट है, जो प्रदेश की धार्मिक, सांस्कृतिक और जन-आस्था का अत्यंत महत्वपूर्ण प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि स्थानीय परिस्थितियों की समझ, त्वरित कार्यवाही की क्षमता और समन्वय की दृष्टि से उत्तराखंड लोक निर्माण विभाग इस मार्ग के रखरखाव के लिए सबसे उपयुक्त विभाग है। इससे न सिर्फ आगामी यात्रा के सुचारू संचालन में सुविधा होगी, बल्कि स्थानीय जनता के आवागमन को भी दीर्घकालिक राहत मिलेगी।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री द्वारा उठाए गए सभी बिंदुओं पर सकारात्मक विचार का आश्वासन दिया और कहा कि केंद्र इन प्रस्तावों का गंभीरतापूर्वक परीक्षण करेगा।
