देहरादून | उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम ने करवट ले ली है और पहाड़ी क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड लौट आई है। चमोली जिले स्थित Badrinath Dham में लगातार हो रही बर्फबारी के कारण लगभग दो फीट तक बर्फ की मोटी परत जम गई है। बर्फबारी का सिलसिला जारी रहने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और पूरे क्षेत्र में ठंड का असर बढ़ गया है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के कई पर्वतीय इलाकों में शुक्रवार को भी भारी बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी हुई है।
India Meteorological Department (आईएमडी) ने देहरादून, उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के कुछ हिस्सों में तेज बारिश, बर्फबारी और तूफान को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान भी जताया गया है। मैदानी क्षेत्रों में भी मौसम का प्रभाव देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में तेज बारिश और आंधी-तूफान के आसार बने हुए हैं। अन्य जिलों के लिए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण प्रदेश में मौसम में यह बदलाव आया है। इसके चलते पहाड़ों में लगातार बर्फबारी हो रही है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में बारिश और तेज हवाएं चल रही हैं। आने वाले दिनों की बात करें तो मौसम विभाग का अनुमान है कि 25 मार्च तक प्रदेश में मौसम का मिजाज इसी तरह बना रहेगा। ऐसे में प्रशासन ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है।
बर्फबारी के चलते ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हो सकता है। वहीं, चारधाम यात्रा मार्गों पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें सतर्क हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। कुल मिलाकर, उत्तराखंड में मौसम के इस बदलाव ने जहां पहाड़ों की खूबसूरती को और बढ़ा दिया है, वहीं लोगों के लिए सतर्कता और सावधानी बरतना भी जरूरी हो गया है।
