देहरादून: पहाड़ से मैदान तक लगातार हो रही वर्षा से पूरे प्रदेश में दुश्वारियां बढ़ गई हैं। पहाड़ों में भूस्खलन और बरसाती गदेरों के उफान के कारण कई प्रमुख मार्ग बंद हो गए हैं। वहीं नदियों के रौद्र रूप धारण करने से आसपास की बस्तियों को खतरा उत्पन्न हो गया है। मैदानी शहरों में भारी वर्षा के कारण चौक चौराहे गली.मोहल्ले जलमग्न हो गए हैं।
मानसून की वर्षा ने उत्तराखंड में जोर पकड़ लिया है। ज्यादातर क्षेत्रों में बीते तीन दिन से रुक रुककर भारी वर्षा का दौर जारी है। जिससे दुश्वारियां बढ़ने लगी हैं।नदी नाले उफान पर हैं और आसपास के क्षेत्रों में खतरा बढ़ गया है। इसके अलावा पर्वतीय क्षेत्रों में जगह जगह भूस्खलन हो रहा है। कई प्रमुख मार्गों में मलबा आने से आवाजाही ठप हो गई है। अगले दो दिन भी मौसम का मिजाज इसी प्रकार का रहने की आशंका है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसारए कुमाऊं में अगले दो दिन भारी से बहुत भारी वर्षा को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं देहरादून हरिद्वार टिहरी और पौड़ी जिले में भी कहीं कहीं भारी वर्षा हो सकती है जिसे लेकर आरेंज अलर्ट और उत्तरकाशी चमोली व रुद्रप्रयाग जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है।
संवेदनशील इलाकों में कहीं कहीं हल्के से मध्यम भूस्खलन एवं चट्टान गिरने की आशंका है। जिससे सड़कों राजमार्गों पुलों का अवरुद्ध होना बिजली पानी आदि सेवाओं के प्रभावित होने की आशंका है।
