देहरादून: श्री केदारनाथ पैदल मार्ग पर बुधवार रात बादल फटने और भारी बारिश से हुए भूस्खलन में 16 लोगों के लापता होने की सूचना है। एक हजार यात्री अब भी केदारनाथ धाम में फंसे हुए हैं। विभिन्न पड़ावों पर फंसे 4000 से अधिक तीर्थयात्रियों को एनडीआरएफ एसडीआरएफ व पुलिस ने निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। इनमें से 700 का हेलीकॉप्टर रेस्क्यू किया गया। बाकी फंसे यात्रियों को रेस्क्यू किया जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग डा विशाखा भदाणे ने बताया कि उनकी खोजबीन जारी है। वहीं पिछले 24 घंटे में राज्यभर में बारिश से हुए हादसों में 11 लोगों की मौत हुई है।
श्री केदारनाथ यात्रा मार्ग पर फंसे यात्रियों को रेस्क्यू करने के लिए एसडीआरएफ उत्तराखण्ड के जवानों ने देर रात्रि तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाते हुए मुनकटिया क्षेत्र से 450 यात्रियों को सकुशल सोनप्रयाग पहुंचाया। आज भी रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी रहेगा।
रेस्क्यू के लिए एसडीआरएफ द्वारा किया जा रहा ड्रोन का उपयोग
सोनप्रयाग गौरीकुंड पहाड़ी मार्ग में अचानक मलवा और बोल्डर गिरने से रेस्क्यू हेतु उपयोग किए जा रहे 02 किलोमीटर लंबे वैकल्पिक मार्ग को क्षति पहुंची है। इस विषम परिस्थिति में मौके पर पहुंचे एसडीआरएफ राज्य आपदा प्रतिवादन बल के कमांडेंट मणिकांत मिश्रा ने ड्रोन के माध्यम से आगे की कार्य योजना तैयार की।
